बिलासपुर। कांग्रेस भवन में लाठीचार्ज के मुद्दे पर फूट फूट कर रोने वाली कांग्रेस शुक्रवार को टिकट बंटवारे के बाद फैले असंतोष के कारण कांग्रेस भवन के अंदर ही तोड़फोड़ करने लगी। यह कांग्रेस का वह मंदिर है जिसके अंदर पुलिस वालों के घुसने पर कांग्रेसियों ने अपना दुखड़ा रोया और अपना दर्द बयां किया था। लेकिन अपने ही मंदिर में अपशब्दों का प्रयोग और तोड़फोड़ करना कहां की तालीम है। इस तरह की वीडियो को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि 15 साल से सत्ता से दूर रहने के पीछे कांग्रेस की मुख्य वजह क्या है। कांग्रेस को पहले अपने अंदर के अंतर्कलह से लड़ना चाहिए।
तब कहीं जाकर वह भाजपा के खिलाफ लड़ने में कामयाब हो पाएगी। बगावत हर पार्टी में होती है वह चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस। भाजपा में बगावत के बाद बागी हाथ जोड़कर मीडिया के सामने निवेदन करके कहता है कि वह पार्टी के समर्थन में ही काम करेगा उनके खिलाफ नहीं जाएगा। कभी भी बड़े नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे नहीं लगे। लेकिन कांग्रेस में अनुशासन अब देखने को मिलता ही नहीं है। टिकट नहीं मिली तो प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव चंदन यादव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। जिस राहुल गांधी पर भरोसा करके कांग्रेस चुनाव लड़ने की बात.......Read More
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